भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC लगातार अपने एजेंट्स के काम को आसान बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। बदलते डिजिटल दौर में LIC यह समझ चुकी है कि अगर एजेंट्स को मजबूत बनाना है, तो उन्हें एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म देना जरूरी है जो तेज, सुरक्षित और बिना रुकावट के काम करे। इसी सोच के साथ LIC ने अपना नया ऑनलाइन पोर्टल LIC Ananda 3.0 लॉन्च कर दिया है, जो पुराने आनंदा 2.0 का अपग्रेडेड और ज्यादा स्मार्ट वर्जन है।
यह नया पोर्टल 07 जनवरी 2026 से लॉन्च कर दिया गया है और जैसे-जैसे सिस्टम पूरी तरह स्मूथ तरीके से रन करेगा, एजेंट्स इसमें लाइव पॉलिसी भी आसानी से कर पाएंगे। इस नए अपडेट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जिन समस्याओं से एजेंट्स आनंदा 2.0 में जूझ रहे थे, अब वे काफी हद तक खत्म हो जाएँगी।
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LIC Ananda 3.0 क्या है और क्यों जरूरी था इसका आना
आनंदा 3.0, LIC का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे खासतौर पर LIC एजेंट्स के लिए डिजाइन किया गया है ताकि वे ऑनलाइन पॉलिसी प्रोसेस को बिना किसी तकनीकी रुकावट के पूरा कर सकें। आनंदा 2.0 में कई बार पॉलिसी करते समय एरर आना, KYC में दिक्कत, बैंक डिटेल्स वेरिफिकेशन की समस्या और पेमेंट प्रोसेस में रुकावट जैसी परेशानियाँ देखने को मिलती थीं।
LIC ने इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आनंदा 3.0 को ज्यादा यूजर-फ्रेंडली, तेज और सुरक्षित बनाया है। अब एजेंट्स को कम समय में ज्यादा काम करने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी productivity और business दोनों बढ़ेंगे।
LIC Ananda 3.0 पोर्टल पर लॉगिन और साइन-अप प्रक्रिया
आनंदा 3.0 पोर्टल पर जाने के लिए LIC द्वारा लिंक उपलब्ध कराया गया है, जिस पर क्लिक करने के बाद एजेंट्स को “I’m Self Champion” विकल्प पर क्लिक करना होता है। इसके बाद एजेंट्स के सामने लॉगिन और साइन-अप के दो विकल्प आते हैं।
पहली बार इस्तेमाल करने वाले एजेंट्स को साइन-अप करना होगा, जिसमें उन्हें अपनी एजेंसी कोड और ब्रांच कोड डालकर वेरिफाई करना होता है। वेरिफिकेशन के बाद पासवर्ड क्रिएट करना होता है, जिसमें कम से कम 10 कैरेक्टर, एक अपर केस, एक लोअर केस, एक नंबर और एक स्पेशल कैरेक्टर होना जरूरी है। ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद पासवर्ड सफलतापूर्वक बन जाता है।
इसके बाद एजेंट लॉगिन ऑप्शन में जाकर यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी के जरिए आसानी से लॉगिन कर सकता है।
नया डैशबोर्ड: LIC Ananda 3.0 की सबसे बड़ी ताकत
लॉगिन करने के बाद जो डैशबोर्ड दिखाई देता है, वही आनंदा 3.0 की असली पहचान है। यह डैशबोर्ड पहले की तुलना में ज्यादा क्लीन, फास्ट और समझने में आसान है। सभी जरूरी ऑप्शन्स एक ही जगह उपलब्ध हैं, जिससे एजेंट को बार-बार अलग-अलग सेक्शन में भटकना नहीं पड़ता।
यही वजह है कि आनंदा 3.0 को एजेंट्स के लिए ज्यादा प्रोफेशनल और भरोसेमंद पोर्टल माना जा रहा है।
LIC Ananda 2.0 VS LIC Ananda 3.0: क्या बदला है वास्तव में
अगर तुलना की जाए तो आनंदा 2.0 में सबसे बड़ी समस्या बार-बार आने वाले टेक्निकल एरर्स थे। पॉलिसी करते समय कई बार सिस्टम हैंग हो जाता था, KYC में ZIP फाइल अपलोड करना झंझट भरा था और बैंक डिटेल्स वेरिफिकेशन में अतिरिक्त समय लगता था।
आनंदा 3.0 में इन सभी समस्याओं को काफी हद तक दूर कर दिया गया है। अब पॉलिसी प्रोसेस ज्यादा स्मूथ है, KYC के लिए OTP आधारित इंस्टेंट वेरिफिकेशन का ऑप्शन मिल गया है और बैंक डिटेल्स पहले ही स्टेज पर वेरिफाई हो जाती हैं। इसका मतलब है कम गलती, कम समय और ज्यादा भरोसा।
KYC प्रक्रिया में बड़ा बदलाव: ZIP फाइल से राहत
आनंदा 3.0 का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट KYC प्रोसेस में किया गया है। पहले आनंदा 2.0 में आधार की ZIP फाइल डाउनलोड करके अपलोड करनी पड़ती थी, जिसमें एजेंट और कस्टमर दोनों को परेशानी होती थी।
अब आनंदा 3.0 में दो ऑप्शन मिलते हैं। पहला वही पुराना ZIP फाइल वाला तरीका और दूसरा नया OTP आधारित इंस्टेंट KYC। इसमें केवल आधार नंबर डालकर OTP के जरिए KYC पूरी की जा सकती है। इससे न सिर्फ समय बचेगा बल्कि गलती की संभावना भी कम होगी।
LIC Ananda 3.0 में पॉलिसी प्रोसेस कैसे होगा
आनंदा 3.0 में पॉलिसी प्रोसेस लगभग वही है जो पहले था, लेकिन अब ज्यादा आसान और व्यवस्थित है। सबसे पहले एजेंट को कस्टमर की लीड डिटेल्स डालनी होती हैं। इसके बाद प्लान सेलेक्शन, टर्म, प्रीमियम मोड और अन्य जरूरी जानकारी भरनी होती है।
प्रीमियम कैलकुलेशन के बाद एजेंट को सभी डिटेल्स चेक करने का मौका मिलता है। अगर सब कुछ सही है तो आगे बढ़कर KYC, डॉक्यूमेंट अपलोड और पेमेंट की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
बैंक डिटेल्स और पेमेंट सिस्टम में सुधार
आनंदा 3.0 में बैंक डिटेल्स को लेकर भी बड़ा सुधार किया गया है। पहले NEFT से जुड़े मामलों में बाद में वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब बैंक डिटेल्स पहले ही वेरिफाई हो जाती हैं।
पेमेंट के लिए एजेंट और कस्टमर दोनों के पास कई विकल्प मौजूद हैं, जैसे BOC, UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड। इससे पेमेंट प्रोसेस तेज और सुरक्षित बन गया है।
कस्टमर वेरिफिकेशन अब और ज्यादा आसान
पॉलिसी के बाद कस्टमर वेरिफिकेशन का लिंक अपने आप कस्टमर के WhatsApp और ईमेल पर चला जाता है। कस्टमर अपने डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके, प्रपोजल को प्रीव्यू करके और OTP के जरिए वेरिफिकेशन पूरा कर सकता है। इससे एजेंट पर निर्भरता कम होती है और ट्रांसपेरेंसी बढ़ती है।
MAR, ACR और अन्य जरूरी फीचर्स
आनंदा 3.0 में MAR और ACR से जुड़े सभी फीचर्स भी उपलब्ध हैं। जहां MAR की जरूरत होती है, वहां संबंधित DO या CLIA को इनबॉक्स में नोटिफिकेशन मिल जाता है। ACR फॉर्म भी पहले की तरह ही लेकिन ज्यादा स्मूथ तरीके से भरा जा सकता है।
इसके अलावा नॉलेज सेंटर, MDRT रूल्स, प्रोडक्ट PPT और अन्य जरूरी टूल्स भी डैशबोर्ड पर उपलब्ध हैं।
LIC एजेंट्स के लिए LIC Ananda 3.0 क्यों है गेम-चेंजर
आनंदा 3.0 केवल एक नया पोर्टल नहीं है, बल्कि LIC एजेंट्स के काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव है। कम समय में पॉलिसी, कम टेक्निकल एरर, आसान KYC और बेहतर पेमेंट सिस्टम इसे एक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बनाते हैं।
जो एजेंट डिजिटल तरीके से काम करना चाहते हैं, उनके लिए आनंदा 3.0 आने वाले समय में एक मजबूत हथियार साबित होगा।
निष्कर्ष
LIC का नया LIC Ananda 3.0 पोर्टल यह साबित करता है कि संस्था अपने एजेंट्स की समस्याओं को गंभीरता से समझ रही है। आनंदा 2.0 की कमियों को दूर करते हुए यह नया वर्जन ज्यादा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया गया है।
जैसे-जैसे इसमें लाइव पॉलिसी पूरी तरह शुरू होंगी, यह पोर्टल LIC एजेंट्स के लिए रोज़मर्रा का सबसे अहम टूल बन जाएगा। अगर आप LIC एजेंट हैं, तो आनंदा 3.0 को समझना और सही तरीके से इस्तेमाल करना आपके बिजनेस के लिए बेहद जरूरी हो गया है।
LIC Ananda 3.0 क्या है?
LIC Ananda 3.0, LIC का नया अपग्रेडेड ऑनलाइन पॉलिसी पोर्टल है, जिसे एजेंट्स के लिए ज्यादा स्मूथ और आसान बनाया गया है।
Ananda 3.0 कब से लागू हुआ है?
LIC Ananda 3.0 को 07 जनवरी 2026 से लॉन्च किया गया है।
Ananda 3.0 और Ananda 2.0 में मुख्य अंतर क्या है?
Ananda 3.0 में बेहतर डैशबोर्ड, OTP आधारित KYC, कम एरर और आसान पेमेंट प्रोसेस दिया गया है।
क्या अब KYC बिना ZIP फाइल के हो सकती है?
हाँ, Ananda 3.0 में OTP के जरिए इंस्टेंट आधार KYC की सुविधा दी गई है।
Ananda 3.0 में पेमेंट के कौन-कौन से विकल्प हैं?
BOC, UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से पेमेंट किया जा सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी आधिकारिक LIC नोटिफिकेशन या पोर्टल अपडेट पर आधारित है। किसी भी पॉलिसी या तकनीकी प्रक्रिया से पहले संबंधित LIC ब्रांच, डिविजन ऑफिस या आधिकारिक पोर्टल से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।
